एप्पल न्यूज, शिमला
विधानसभा में भाजपा विधायक विनोद कुमार के सवाल पर असंतुष्ट विपक्षी भाजपा ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विनोद का कहना था कि हिमकेयर से लोगों को लाभ नहीं दिए जा रहे बल्कि लोगों को पत्नी या मां के मंगलसूत्र बेचने पद रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने इसका जवाब दिया।
इस पर रणधीर शर्मा ने अनुपूरक प्रश्न किया और कहा कि निजी अस्पतालों का करोड़ों पेंडिंग है इसे कब देंगे। लेकिन जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमकेयर योजना लोगों की केयर के लिए बनाई थी। इसमें पूर्व सरकार के समय एक हजार करोड़ के लाभ दिए। भाजपा ने अपनी सरकार में निजी अस्पतालों को शामिल कर राजनीतिक रोटियां सेकी।

सीएम ने कहा कि इस योजना को बंद नहीं किया और अब तक इस सरकार ने 550 करोड़ रुपए खर्च कर दिए है। अब इस योजना में सुधार किया जा रहा है।
इस योजना में भ्रष्टाचार चरम पर है। 15000 के पैकेज को लाखों में कर दिया। जब जांचा गया तो इस योजना का लाभ सिर्फ भाई भतीजावाद के तहत किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सीएम ने नेरचौक में MRI मशीन नहीं लगाई निजी को लाभ दिया। हमारी सरकार गरीबों की सरकार है और अब चार बार हिमकेयर कार्ड बनाए जा रहे हैं।
ये एक हजार करोड़ स्वास्थ्य सेवाओं के उत्थान में किया होता तो गरीबों को लाभ मिलता।
हमारी सरकार सभी स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूर करेगी और अत्याधुनिक मशीनों से लैस किया जाएगा। भाजपा केवल सनसनी फैलाना चाहती है।







