एप्पल न्यूज़, शिमला
शिमला, 18 मार्च 2026 — Government of Himachal Pradesh ने अपने कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड और सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह आदेश कार्मिक विभाग (Personnel Department) द्वारा जारी किया गया है, जिसमें सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यस्थल पर शालीनता और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, अब सभी सरकारी कर्मचारियों को कार्यालय और न्यायालय में उपस्थित होते समय औपचारिक, साफ-सुथरे और सादे वस्त्र पहनना अनिवार्य होगा। कैजुअल या पार्टी वियर को सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है।
पुरुष कर्मचारियों को शर्ट-पैंट या ट्राउजर और जूते पहनने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि महिला कर्मचारियों के लिए साड़ी, सलवार-कमीज़, चूड़ीदार या फॉर्मल सूट को उपयुक्त बताया गया है।


सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों का पहनावा उनके कार्य के प्रति गंभीरता, शालीनता और प्रोफेशनलिज्म को दर्शाता है, इसलिए इस पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
आदेश में कहा गया है कि पहले भी इस संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन कई कर्मचारी इनका पालन नहीं कर रहे थे, जिसके चलते दोबारा यह आदेश जारी करना पड़ा।
इसके अलावा, सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर भी सरकार ने कड़े नियम लागू किए हैं।
कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर सरकारी नीतियों, योजनाओं या मुद्दों पर कोई टिप्पणी या आलोचना न करें।
साथ ही, किसी भी प्रकार की राजनीतिक या धार्मिक पोस्ट सार्वजनिक मंचों पर साझा करने से भी परहेज करने को कहा गया है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना अनुमति किसी भी सरकारी दस्तावेज़ या जानकारी को सार्वजनिक करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई कर्मचारी किसी विषय पर लेखन या सार्वजनिक बयान देता है, तो उसे यह स्पष्ट करना होगा कि उसके विचार व्यक्तिगत हैं और सरकार के आधिकारिक विचार नहीं हैं।

यह निर्देश CCS (Conduct) Rules, 1964 के प्रावधानों के तहत जारी किए गए हैं, जिनके अनुसार सरकारी कर्मचारियों को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जो सेवा की गरिमा के विरुद्ध हो या सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाए।
सरकार ने चेतावनी दी है कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन कर्मचारियों को इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।
इस आदेश का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवा में निष्पक्षता, अनुशासन और पेशेवर छवि को बनाए रखना है, खासकर ऐसे समय में जब सोशल मीडिया का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। सरकार चाहती है कि कर्मचारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ करें।





