IMG_20260124_200231
previous arrow
next arrow

महाकुंभ- मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में अमृत स्नान में आस्था की डुबकी लगाने उमड़ा जनसैलाब, भगदड़ के बाद योगी आदित्यनाथ की अपील, अपने नजदीकी गंगा घाटों पर करें स्नान

IMG_20251207_105330
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज, प्रयागराज/शिमला

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 के दौरान मौनी अमावस्या का स्नान एक महत्वपूर्ण अवसर है, जब लाखों श्रद्धालु पवित्र गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर स्नान करने के लिए उमड़ते हैं। इस वर्ष, भारी भीड़ के कारण संगम नोज पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिससे प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने नजदीकी गंगा घाटों पर स्नान करें और संगम नोज पर भीड़ बढ़ाने से बचें।

उन्होंने कहा कि 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में अस्थायी घाटों का निर्माण किया गया है ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से स्नान कर सकें। प्रशासन द्वारा भीड़ को संतुलित करने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।

महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या का स्नान ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण होता है, और इस बार भी श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील कर रहा है। आप सभी से अनुरोध है कि सुरक्षा का ध्यान रखें और शांतिपूर्वक अपने नजदीकी घाटों पर स्नान करें।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने का अनुरोध किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासनिक टीमें लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि कोई अनहोनी न हो।

प्रधानमंत्री और केंद्रीय नेताओं की निगरानी

इस घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्थिति का संज्ञान लिया है। भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी प्रशासन के संपर्क में हैं और लगातार जानकारी ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के साथ उच्चस्तरीय बैठकें हो रही हैं, ताकि भीड़ को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके। प्रयागराज में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन संगम क्षेत्र में अभी भी भारी भीड़ बनी हुई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अखाड़ों के संतों से बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया कि वे श्रद्धालुओं के स्नान के बाद ही संगम क्षेत्र में स्नान के लिए जाएंगे। सभी प्रमुख अखाड़ों ने इस निर्णय का समर्थन किया है, जिससे स्नान प्रक्रिया अधिक सुचारू रूप से संचालित की जा सके।

महाकुंभ 2025 में अब तक 148 मिलियन से अधिक श्रद्धालु आ चुके हैं, और मौनी अमावस्या के दिन ही 100 मिलियन अतिरिक्त श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। यह दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, और इतनी भारी भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

जनता के लिए सुझाव

  • अस्थायी स्नान घाटों पर जाकर स्नान करें।
  • संगम नोज पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं।
  • किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
  • भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में धैर्य बनाए रखें और संयम बरतें।
Share from A4appleNews:

Next Post

सद्भावना विरासत मामले समाधान योजना को मंजूरी, 3500 मामलों के समाधान से 10 करोड़ राजस्व प्राप्ति का अनुमान

Wed Jan 29 , 2025
मुकदमों की संख्या कम करने और राजस्व प्राप्ति को बढ़ावा देने में कारगर होगी योजना एप्पल न्यूज, शिमला हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश सद्भावना विरासत मामले समाधान योजना, 2025 को मंजूरी दे दी है, जिससे इसका दायरा बढ़ाकर गैर-समाहित अधिनियमों के तहत मामलों को भी शामिल किया है। उल्लेखनीय […]

You May Like

Breaking News