झूठी गारंटियों से सत्ता हथियाने वाले और हिमाचल में वोट चोरी करने वाले CM को इस्तीफा देकर प्रदेश से मांगनी चाहिए “माफी”- जयराम

IMG_20251207_105330
previous arrow
next arrow

कांग्रेस को झूठी गारंटी के लिए मांगनी चाहिए प्रदेश से माफी और छोड़नी चाहिए सत्ता

एप्पल न्यूज़, शिमला

 शिमला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में वोट चोरी और जनादेश हथियाने का दोषी कांग्रेस है। प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार झूठी गारंटियों के द्वारा हिमाचल में वोट की चोरी की है और यहां की सत्ता हथियाई है।

कांग्रेस नीत सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार को प्रदेश के लोगों के साथ किए गए इस छल के लिए माफी मांगनी चाहिए और मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस के नेताओं द्वारा वोट चोरी की बात करना अपनी बेशर्मी प्रदर्शित करने जैसा है।

उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के हिमाचल प्रभारी के सामने कांग्रेस की असलियत सामने आ गई। कांग्रेस के नेताओं द्वारा जमकर शक्ति प्रदर्शन किया गया।

मंत्री को चाहिए कि इस शक्ति प्रदर्शन को देखें और स्वयं गिन लें की हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस कितने धड़ों में बटी हुई है और कांग्रेस कर क्या रही है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि झूठी गारंटियां देकर सत्ता हथियाना, झूठी वादे करके लोगों का वोट ले लेना और सरकार बनने के बाद अपनी गारंटियों से साफ मुकर जाना वोटो की चोरी होती है, जनादेश हथियाना होता है और कांग्रेस इसमें ’मास्टर’ है।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के वोट चोरी का ज्वलंत उदाहरण है। जहां विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के बड़े–बड़े नेताओं ने खुलेआम आकर दस गारंटियां दी।

उसके बाद देश भर से कांग्रेस के प्रवक्ताओं की फौज और हिमाचल के छोटे–बड़े नेता गली चौराहे पर जाकर चीखते रहे और पहली कैबिनेट में ही से गारंटियों को लागू करने की कसमें खाते रहे।

उसमें के नेताओं के गारंटियों को लेकर दिए गए बयान सुनकर आज हंसी आती है। गारंटियों को पूरा न करने के उनके आज के तर्क और बयान सुनकर तरस आता है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाला व्यक्ति इतना बड़ा झूठ कैसे बोल सकता है।

जिन गारंटियों के नाम पर कांग्रेस सत्ता में आई थी आज उनके नाम से भी भागती है। कांग्रेस के नेता, मुख्यमंत्री और मंत्री कई दफा अपनी ही गारंटियों से मुंह मोड़ चुके हैं। मुख्यमंत्री ने तो सदन के भीतर ही कह दिया था कि हमने एक लाख सरकारी रोजगार पहली कैबिनेट में देने का कोई वादा ही नहीं किया था।

इसके अलावा कांग्रेस का  चुनावी घोषणा पत्र तो सुख की सरकार ने सत्ता में आने के बाद से कभी पलट कर भी नहीं देखा। इस तरीके के झूठे वादे करना जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात है उनके वोट की साथ चोरी है।

जनादेश को हथियाना है। लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान करना है। दुर्भाग्य से भारत के इतिहास की सबसे पुरानी पार्टी वोटों की चोरी में सिद्धहस्त है। हिमाचल प्रदेश के लोगों को 10 झूठी गारंटियां देकर उनके वोट चोरी करने के लिए कांग्रेस को हिमाचल प्रदेश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।

गिने चुने विधानसभा क्षेत्रों पर ही सरकार का ध्यान, सत्ता और विपक्ष के विधायक

जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए विकासात्मक परियोजनाएं हिमाचल प्रदेश को देती है लेकिन वर्तमान सरकार का गिने चुने विधानसभा क्षेत्र में ही  उन परियोजनाओं के डीपीआर स्वीकृत करवा रही है।

बाकी विधानसभा क्षेत्र के विकास  को अनदेखा कर रही है। एक मुख्यमंत्री के रूप में इस तरीके से कार्य करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यमंत्री के इस रवैए से हिमाचल के सत्तापक्ष के लोग भी त्रस्त हैं और विपक्ष के भी। सत्ता पक्ष के विधायक भी सदन में ही मुख्यमंत्री से आश्वाशन मांग रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि यही मौका है।

Share from A4appleNews:

Next Post

MP हर्ष महाजन ने हर्ष मल्होत्रा से किया NH के सुधारीकरण का काम जल्द शुरू करने का आग्रह, उपराष्ट्रपति प्रत्याशी से भी मिले

Sat Aug 23 , 2025
हर्ष महाजन ने उपराष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशी सी. पी. राधाकृष्णन से भेंट  • पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार आपदा के लिए 5584 करोड़ रु भेज चुकी है शिमला, भाजपा के नेता एवं राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने उपराष्ट्रपति पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन […]

You May Like

Breaking News