एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार में आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा ने मंडी के उपायुक्त (डीसी) अपूर्व देवगन, आईएएस के खिलाफ हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।
यह नोटिस 26 जनवरी 2026 को आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह से एक दिन पहले मंत्री के मंडी आगमन के दौरान उपायुक्त की अनुपलब्धता और सरकारी प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर दिया गया है।
मंत्री यादविंद्र गोमा ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गए नोटिस में कहा है कि वे 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के उद्देश्य से मंडी पहुंचे थे, लेकिन उनके आगमन के समय उपायुक्त मंडी उपलब्ध नहीं थे।

मंत्री का आरोप है कि न तो उपायुक्त की ओर से कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही किसी वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था की गई, जो एक कैबिनेट मंत्री के आगमन पर अपेक्षित होती है।
नोटिस में मंत्री गोमा ने इसे प्रशासनिक उदासीनता और असंवेदनशीलता करार देते हुए कहा है कि यह आचरण स्थापित सरकारी प्रोटोकॉल और प्रशासनिक मानदंडों का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि और संवैधानिक पद पर आसीन मंत्री की गरिमा को ठेस पहुंची है तथा यह विधानसभा के विशेषाधिकारों का भी हनन है।
मंत्री ने यह भी उल्लेख किया है कि राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम, विशेष रूप से गणतंत्र दिवस जैसे अवसर पर, इस प्रकार की लापरवाही को सामान्य त्रुटि नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार उपायुक्त का यह रवैया विधायिका के प्रति असम्मान को दर्शाता है।
अपने नोटिस में मंत्री यादविंद्र गोमा ने विधानसभा अध्यक्ष से तीन प्रमुख मांगें की हैं—
इस नोटिस को विशेषाधिकार हनन के नोटिस के रूप में स्वीकार किया जाए।
मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन, आईएएस से इस संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया जाए।
भविष्य में संवैधानिक पदों के सम्मान और सरकारी प्रोटोकॉल के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
यह नोटिस हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही एवं कार्य संचालन नियमों के अध्याय-12 के नियम 75 के तहत दिया गया है।
मामले को लेकर अभी तक उपायुक्त मंडी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब इस विषय पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा लिया जाने वाला निर्णय आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेगा।








