एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मानसून से जुड़ी घटनाओं में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 1 जुलाई तक 6 और 2 जुलाई को 3 लोगों की जान गई, जिनमें एक चंबा और दो शिमला जिले से हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 49 सड़कें बंद हैं। इनमें कुल्लू में 30, सिरमौर में 8, चंबा में 7 और ऊना में 2 सड़कें यातायात के लिए बाधित हैं।

बारिश से बिजली और पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। प्रदेश में 42 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित है।
सबसे अधिक 27 ट्रांसफार्मर सिरमौर, 8 चंबा, 3 कुल्लू, 3 मंडी और 1 लाहौल-स्पीति में प्रभावित हुए हैं। वहीं चंबा जिले की 27 पेयजल योजनाएं, जिनमें तिस्सा उपमंडल की 24 योजनाएं शामिल हैं, प्रभावित होने से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
किन्नौर में बाढ़ का खतरा बढ़ा
लगातार बारिश के बीच किन्नौर जिले में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। लीपा नाले में आई बाढ़ से पेजर खड़ का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे नदी किनारे बने मकानों पर खतरा मंडरा रहा है।
उधर, सतलुज नदी में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए कड़छम बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। पहले डाउनस्ट्रीम में 94 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा था, जिसे बढ़ाकर 194 क्यूमेक कर दिया गया है।
इसके अलावा सिल्ट फ्लशिंग गेट से पहले की तरह 83 क्यूमेक पानी भी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।






