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शिमला पुलिस की नशा तस्कर “नाई” पर बड़ी कार्रवाई , NDPS मामले में 1.64 करोड़ से अधिक की संपत्ति सीज

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शिमला, 9 सितंबर 2026। नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को अब केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए शिमला पुलिस ने तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में ठियोग के एक NDPS मामले में पुलिस ने नशे की तस्करी से अर्जित आय से जुड़ी ₹1.64 करोड़ से अधिक मूल्य की चल-अचल एवं वित्तीय संपत्तियों को सीज किया है।
पुलिस थाना ठियोग में FIR संख्या 77/2026, दिनांक 10 जून 2026, धारा 18 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। 10 जून को विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने रहीघाट, हॉस्पिटल रोड, ठियोग स्थित आरोपी सोहन लाल उर्फ हैपी की नाई की दुकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से करीब 71 ग्राम अफीम बरामद हुई। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।


जांच के दौरान पुलिस के सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर लंबे समय से अफीम की अवैध तस्करी में संलिप्त था और ठियोग, कोटखाई, रोहड़ू तथा आसपास के क्षेत्रों में अफीम की आपूर्ति करता था।
मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने NDPS एक्ट के प्रावधानों के तहत फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन की। इस दौरान आरोपी और उसके निकट सहयोगियों की वित्तीय गतिविधियों, संपत्तियों तथा आय के ज्ञात एवं वैध स्रोतों का विस्तृत विश्लेषण किया गया।
फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन में एक आवासीय भूमि प्लॉट, एक कृषि भूमि प्लॉट, दो मंजिला दुकान, वाहन तथा विभिन्न बैंक एवं डाकघर खातों में उपलब्ध धनराशि सहित कुल ₹1.64 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्तियों की पहचान की गई।
पुलिस के अनुसार वित्तीय अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण में उक्त संपत्तियां प्रथम दृष्टया मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से अर्जित आय से संबंधित पाई गईं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी की आय और उसके पास मौजूद संपत्तियों के बीच स्पष्ट असंगति है। आरोपी नाई की दुकान चलाता है और परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य है। उसकी घोषित/ज्ञात आय इन संपत्तियों के मूल्य से मेल नहीं खाती पाई गई।
इन तथ्यों के आधार पर NDPS एक्ट के प्रावधानों के तहत संबंधित संपत्तियों को सीज किया गया है।
2026 में 12 मामलों में ₹8 करोड़ से अधिक की संपत्ति सीज
शिमला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 12 NDPS मामलों में फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन की जा चुकी है। इन मामलों में नशे के अवैध कारोबार से अर्जित मानी गई ₹8 करोड़ से अधिक मूल्य की चल-अचल एवं वित्तीय संपत्तियां सीज की गई हैं।
इसके विपरीत, वर्ष 2024 और 2025 के दौरान NDPS मामलों में इस प्रकार की कोई फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन नहीं की गई थी और इन दोनों वर्षों में ऐसी कोई संपत्ति सीज नहीं की गई।
शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ अभियान अब केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा। पुलिस का फोकस नशे के कारोबार के आर्थिक स्रोत और अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों तक पहुंचने पर भी है। फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन के माध्यम से नशे की तस्करी से अर्जित धन और उससे बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें सीज करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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