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प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए रिकांगपिओ में किसान मेले का आयोजन, किन्नौर में 267.68 हैक्टेयर क्षेत्र में 2082 किसान कर रहे हैं प्राकृतिक खेती

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एप्पल न्यूज़, रिकोंगपिओ

हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा आगामी वित्त वर्ष में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अलग से बजट का प्रावधान किया गया है। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष सूरत नेगी ने पूह में आयोजित एक दिवसीय किसान मेले के दौरान दी।
उन्होंने कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर में लोगों द्वारा प्राकृतिक खेती करने के प्रति रूझान बढ़ा है तथा कुछ किसान व बागवान जिले में व्यापक स्तर पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं तथा किसानों व बागवानों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का उन्हें उचित दाम भी प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिले में 267.68 हैक्टेयर क्षेत्र में 2082 किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती की जा रही है।


सूरत नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आगामी वित्त वर्ष के बजट में प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के विपणन के लिए अलग से मंडिया स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके अलावा राज्य के बाहर भी समय-समय पर लगने वाले कृषि उत्पाद स्टाॅल में प्रदेश व जिले के किसानों को अपने उत्पादों को बेचने की सुविधा प्रदान करने का भी प्रावधान किया गया है।

उन्होंने किसानों व बागवानों से भी आग्रह किया कि वे व्यापक स्तर पर प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए आगे आएं। इससे जहां उत्तम गुणवता वाले उत्पाद तैयार होंगे वहीं खेती पर होने वाला खर्चा भी कम होगा।
उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला में जनजातीय उपयोजना के तहत राशि को 62.50 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 140 करोड़ रुपये किया गया है जिससे आधुनिक किन्नौर निर्माण में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिले में आयुष्मान योजना व हिम केयर योजना को लागू किया गया है।

हिम केयर योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क ईलाज तथा आयुष्मान योजना के तहत 3 करोड़ रुपये तक की निःशुल्क चिक्तसीय सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान निधि योजना के तहत प्रत्येक किसान को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की राशि उनके बैंक खाते में जमा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिले के पूह तथा कल्पा विकास खण्ड को वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत लाया गया है जिसके तहत हर गांव में अधोसंरचना विकसित की जाएगी ताकि ग्रामीणों को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर गांव में ही उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि पूह गांव के लिए 100 करोड़ रुपये की सिंचाई योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है जिसके बन जाने से क्षेत्र के सैंकड़ो किसान-बागवान लाभान्वित होंगे।
आत्मा परियोजना के तहत आयोजित एक दिवसीय किसान मेले के दौरान जहां कृषि विशेषज्ञों द्वारा प्राकृतिक खेती के बारे में किसानों को अवगत करवाया गया वहीं किसानों को विभिन्न बीजों की निःशुल्क किट भी वितरित की गई।
इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष निहाल चारस, पंचायत समिति पूह की अध्यक्षा इंदू किरण, प्रधान ग्राम पंचायत पूह राजेश कुमार, उप-प्रधान तानजिंग दोरजे, परियोजना अधिकारी (आत्मा) रवि शर्मा, उपनिदेशक कृषि डाॅ. सोमराज, उपनिदेशक परियोजना (आत्मा) डाॅ. बलबीर ठाकुर, जिला कृषि अधिकारी डाॅ. ओम प्रकाश बंसल, व किसान-बागवान उपस्थित थे।

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