एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल प्रदेश में सरकार ने इतिहास रचते हुए पहली बार चार दिन लगातार कैबिनेट बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में यह सिलसिला आज दोपहर 12 बजे से शुरू हो गया है, जो 31 जुलाई तक चलेगा। इन बैठकों में हर दिन अलग-अलग विभागों से जुड़े महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर दो घंटे तक चर्चा की जाएगी।
सरकार की ओर से बताया गया है कि इन बैठकों के दौरान प्रदेश में आपदा राहत पैकेज, बिजली परियोजनाओं की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग में नई भर्तियां, और शिक्षा सुधार जैसे फैसलों पर मुहर लग सकती है।
मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा हाल ही में फील्ड में की गई घोषणाओं को भी इन बैठकों के माध्यम से लागू किया जाएगा।

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत पैकेज की नींव रखी थी और अब इसे कैबिनेट से मंजूरी दी जाएगी।
बैठकों में ये अहम मुद्दे रहेंगे चर्चा में:
वर्षों से लंबित बिजली परियोजनाओं की समीक्षा, कुछ रद्द हो सकती हैं
शिक्षा विभाग में कॉलेज युक्तिकरण और स्कूल मर्जर नीति
जलशक्ति विभाग में जलरक्षकों को नियमित करने का मामला
HRTC कर्मचारियों के हित में वित्तीय निर्णय
सेब की नई खरीद दरें तय करने और मंडी प्रणाली की समीक्षा
शहरी निकायों के लिए रोस्टर नीति
बिजली बोर्ड की सब-कमेटी की सिफारिशों पर निर्णय
कर्मचारियों के युक्तिकरण और परियोजनाओं से मिलने वाली रॉयल्टी
इसके अतिरिक्त, विधानसभा के मानसून सत्र की तारीख भी तय की जाएगी, जिसे संभावित रूप से 20 अगस्त के आसपास आयोजित किया जा सकता है। सत्र पांच दिन चलने की उम्मीद है।
सरकार का यह कदम एक सुनियोजित और सक्रिय प्रशासनिक दृष्टिकोण की ओर संकेत करता है, जिससे आम जनता को राहत पहुंचाने और शासन को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।







