एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल प्रदेश में 19 जून से सक्रिय मानसून ने इस बार भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही बारिश, बादल फटने और भूस्खलनों से प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
स्थिति को देखते हुए मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 24 (e) के तहत आदेश जारी किए हैं।
प्रदेश में अब तक 45 बादल फटने, 91 फ्लैश फ्लड और 105 बड़े भूस्खलन की घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं। विभिन्न हादसों में अब तक 161 लोगों की जान गई है, जबकि 154 लोग सड़क दुर्घटनाओं के शिकार हुए।

इसके अलावा 845 घर पूरी तरह ध्वस्त और 3,254 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुल नुकसान का अनुमान अब तक 3,056 करोड़ रुपये से अधिक लगाया गया है।
सबसे ज्यादा असर चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों में देखने को मिला है। चंबा जिले में श्री मणि महेश यात्रा के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु मार्ग बंद होने से फंस गए। प्रदेश में सड़कें, पुल, पेयजल व बिजली आपूर्ति और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है।

आदेश के तहत प्रमुख निर्देश:
सभी विभाग आपातकालीन सपोर्ट फंक्शन्स का पालन कर तुरंत कार्रवाई करेंगे।
जिला मजिस्ट्रेट को धारा 34 के तहत आवश्यक आदेश जारी करने के अधिकार दिए गए।
PWD, जल शक्ति विभाग और HPSEBL को सेवाएँ बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश।
सभी विभाग और DDMA लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की आवाजाही सुनिश्चित करेंगे।
टेलीकॉम कंपनियाँ मोबाइल व लैंडलाइन नेटवर्क तुरंत बहाल करें।
स्थानीय निकाय (PRIs और ULBs) प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्स्थापना कार्यों में जुटें।
सरकार ने साफ किया है कि मौजूदा हालात गंभीर हैं और आने वाले दिनों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में सभी विभागों को पूरी मुस्तैदी से राहत और पुनर्स्थापना कार्य करने होंगे ताकि लोगों की परेशानी कम हो सके।







