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चंबा मणिमहेश यात्रा मार्ग में फंसे 10 हजार से ज्यादा लोग, 7 हजार निकले, 11 की हो चुकी मौत, CM, विधानसभा अध्यक्ष, राजस्व और PWD मंत्री आज करेंगे दौरा

एप्पल न्यूज, शिमला/चम्बा

चंबा ज़िला में सभी यात्री सुरक्षित हैं और ज़िला प्रशासन रात-दिन स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक स्वयं भरमौर में तैनात हैं और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

चंबा शहर में इंटरनेट कनेक्टिविटी बहाल कर दी गई है और भरमौर क्षेत्र में भी जल्द ही बहाल होने की उम्मीद है।
मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने यहां राज्य में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश से बुरी तरह से प्रभावित क्षेत्रों विशेष रूप से चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति ज़िलों में हुए मानसून की स्थिति की समीक्षा करते हुए यह जानकारी दी।

उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपसवाल ने कहा कि भारी बारिश से जिला चम्बा में काफी अधिक नुकसान हुआ है। व्यवस्ताओं को बहाल करने में प्रशासन जुटा हुआ है।

उन्होंने कहा कि लोग अफवाहों पर विशवास न करें क्यूंकि मणीमहेश यात्रा के दौरान कोई बड़ी त्रासदी नहीं हुई हैलेकिन भारी बारिश के चलते सड़कें जरूर बुरी तरफ क्षतिग्रस्त हुई हैं।

यात्रा के दौरान अब तक 11 लोगों की मृत्यु हुई है और जगह जगह मार्ग टूट जाने से करीब 10 से 12 हजार यात्री रास्ते में हैं जो सुरक्षित हैं।

उन्होंने कहा कि इन यात्रियों को सकुशल उनके घर तक पहुँचाने के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन अभी चम्बा -भरमौर एन एच को खुलने में समय लगेगा तब तक यात्रियों के रहने व खाने की व्यवस्था भरमौर व अन्य स्थानों में की गई है। उपायुक्त के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन में हेलीकाप्टर की मदद भी ली जा रही है और प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी इस आपदा के दौरान अपनी ड्यूटी का निर्वाहन कर रहे हैं।

उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, चंबा-भरमौर मार्ग पर बग्गा और दुर्गट्टी क्षेत्रों के बीच भारी भूस्खलन के कारण चंबा शहर में लगभग 10 हजार लोग फंस गए थे। चंबा-पठानकोट राजमार्ग पर यातायात की बहाली के बाद करीब सात हजार लोग अपने घरों को सुरक्षित वापिस लौट गए हैं। इसके अलावा, भरमौर में लगभग 3,000 तीर्थयात्री फंसे हुए हैं जो पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द वापस भेजने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

भरमौर में राशन और अन्य ज़रूरी सामान पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और जरूरत पड़ने पर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
सक्सेना ने स्थानीय प्रशासन को चंबा शहर में रूके लोगों को उनके मूल स्थानों पर वापिस जाने के लिए आग्रह करने को कहा, क्योंकि भारी भूस्खलन के कारण सड़कों की शीघ्र बहाली फिलहाल संभव नहीं है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया शुक्रवार सुबह चंबा का दौरा करेंगे, जबकि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी पहले ही चंबा के लिए रवाना हो चुके हैं और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह आज सुबह रवाना हो गए हैं। जो भरमौर तथा चंबा का दौरा करेंगे।
मुख्य सचिव ने बताया कि मंडलायुक्त कांगड़ा तथा दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी चम्बा के लिए रवाना कर दिया गया है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश पुलिस, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग और राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के सचिवों और दूरसंचार विभाग के उप-महानिदेशक को चंबा व भरमौर में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए पर्याप्त अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात करने का भी निर्देश दिया।
मुख्य सचिव ने कुल्लू और लाहौल में स्थिति की भी समीक्षा की और जिला प्रशासन को सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पिति में  टेलीफोन क्नेक्टिविटी को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है और वहां जिओ टेलीफोन नेटवर्क अब कार्यशील हो गया है। थिरोट का विद्युत उप-केंद्र भी सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया है।
बैठक में हिमाचल प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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