विक्रमादित्य सिंह का ‘वचन’- आजीवन वीरभद्र सिंह के दिखाए रास्ते पर चलेंगे, आखिरी राजा ‘पंचतत्व’ में विलीन-आंखें नम’ वीरभद्र युग समाप्त

शर्मा जी, एप्पल न्यूज़, रामपुर बुशहर

दिवंगत कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह आज पंच तत्वों अग्नि, जल, वायु, आकाश और पृथ्वी में समा गए। इससे पूर्व रामपुर बुशहर के राजमहल में हजारों लोगों ने उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किये।
राजा नही-फकीर था, हिमाचल की तक़दीर था और देखो देखो कौन आया-शेर आया शेर आया के उद्घघोषों के बीच उनका पूरे राजकीय सम्मान और राजसी परम्परा के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र जो अब बुशहर के राजा के तौर पर जाने जायेंगे, विक्रमादित्य सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी।


इससे पूर्व राजघराने की परम्परा को निभाते हुए विक्रमादित्य सिंह को राजगद्दी पर विठा कर उनका राजतिलक किया गया। राज परिवार की प्रथा के अनुसार राजा का अंतिम संस्कार तब तक नहीं होता जब तक की नए राजा का राजतिलक नहीं होता। बुशहर रियासत की परंपरा के अनुसार पदम पैलेस में वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह का राजतिलक हुआ।

मंत्रोच्चारण के बीच सारी परंपरा का निर्वहन किया गया, साथ ही मंत्रों द्वारा उन्हें शक्ति प्रदान की गई। चार ठहरी का बाजा भी बजाया गया और जयकारा भी लगाया गया। इसे पूर्ण रूप से गोपनीय रखा गया।

विक्रमादित्य सिंह के राजतिलक के दौरान खुशी का एहसास कराने वाली धुनों को बजाया गया। इसके बाद शोक धुनों के साथ वाद्य यंत्र वीरभद्र सिंह की शव यात्रा में शामिल हुए।

कांग्रेस के दिग्गज नेता और हिमाचल प्रदेश के 6 बार के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के अंतिम दर्शनों के लिए रामपुर बुशहर में पद्म पैलेस के परिसर में जनसैलाब उमड़ा। हजारों लोग राजा के अंतिम दर्शनो के लिए लंबी कतारों में लगे रहे औए उन्हें अशुपूर्ण विदाई दी।
रामपुर के जोबनी बाग स्थित राज परिवार के श्मशान घाट में वीरभद्र सिंह का अंतिम संस्कार हुआ।

राजा वीरभद्र सिंह का पार्थिव शरीर उन के निवास पदम् पैलेस से करीब डेड बजे आंगन में निकाला गया। उस के बाद पारम्परिक रस्म के साथ करीब तीन बजे शव यात्रा सतलुज किनारे बने शाही राजपरिवार के श्मशान घाट 12 मुखी बमाण से पहुंचाई गई।
इस दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्य मंत्री जय राम ठाकुर समेत मंत्री और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी श्मशानघाट पहुंचे।


श्रदांजलि देने आने वालों में छतीसगड़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सांसद परणीत कौर, पंजाब के शिक्षा मंत्री विजेन्द्र सिंह, पवन कुमार बंसल, राजीव शुक्ला, आनंद शर्मा, सुखवीन्द्र सिंह सुक्खू, कुलदीप राठौर समेत कई विधायक व नेता पदम पैलेस पहुचे।
मुख्य मंत्री के साथ शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, वन मंत्री राकेश पठानीया, नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस नेता सुधीर शर्मा, आशा कुमारी, कौल सिंह ठाकुर, प्रकाश चौधरी, मोहन लाल ब्रागटा, राजेन्द्र राणा, रोहित ठाकुर, किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी और नन्द लाल सहित नेता व अधिकारी मौजूद रहे।

-वीरभद्र सिंह के विधायक पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वीरभद्र
सिंह ने हिमाचल प्रदेश को एक सूत्र में बांधा है। उन्होंने ऊपर-नीचे के भेद को तोड़ा।
विक्रमादित्य सिंह ने वचन लेते हुए कहा कि वे आजीवन उन के दिखाए रस्ते पर चलेंगे। देवताओ और देव समाज के प्रति वीरभद्र सिंह का अटूट विशवास था। हिमाचल को आगे ले जाने के लिए हम सब को उन के दिखाए मार्ग पर चलना होगा।

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